19 नवंबर 2013 - 20:30
अमरीकी हुकूमत दुनिया की सबसे बड़ी साम्राज्यवादी हुकूमत।

इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा है कि ईरान परमाणु अधिकारों सहित अपने किसी भी अधिकार के मामले में एक इंच भी पीछे नहीं हटेगा और किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएगा।

इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा है कि ईरान परमाणु अधिकारों सहित अपने किसी भी अधिकार के मामले में एक इंच भी पीछे नहीं हटेगा और किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएगा।सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली खामेनई ने बुधवार को स्वंय सेवी सेना (बसीज) के कमांडरों और जवानों के बीच अपनी एक स्पीच में कहा कि परमाणु अधिकारों सहित ईरान के सभी अधिकारों को औपचारिक रूप से स्वीकार किया जाना चाहिए।सुप्रीम लीडर ने इसी तरह अपनी स्पीच में, परमाणु वार्ताकार ईरानी टीम के समर्थन का ऐलान किया और कहा कि उन्होंने ईरान और ६ विश्व शक्तियों के बीच परमाणु वार्ता के ब्योरे में हस्तक्षेप नहीं किया है लेकिन कुछ रेड लाइन हैं जिन पर वार्ताकार टीम को ध्यान देना होगा।इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने कहा कि प्रतिबंध उन हथकंडों में शामिल है जिन्हें ईरान के दुश्मन, ईरानी राष्ट्र को पराजित करने के लिए इस्तेमाल करते हैं लेकिन दुश्मनों की सबसे बड़ी गलती यह है कि वह अपनी पिछली ग़ल्तियों से पाठ नहीं लेते। सुप्रीम लीडर ने कहा कि अमरीकी अधिकारियों को यह जान लेना चाहिए कि ईरान के विरूद्ध प्रतिबंधों का कोई फ़ायदा नहीं है।सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली खामेनई ने इसी तरह कहा कि कुछ लोगों के विचारों के विपरीत, साहसिक नर्मी का अर्थ, इस्लामी सत्ता की उद्देश्यों से दूरी नहीं बल्कि उद्देश्य की पूर्ति के लिए दक्षता के साथ कार्यवाही है।सुप्रीम लीडर ने कहा कि कुछ दुश्मन इस शब्द को, इस्लामी सरकार पर अपने सिद्धान्तों से विमुखता का आरोप लगाने के लिए प्रयोग कर रहे हैं जो गलत है और उन्होंने इस विषय को सही रूप से समझा ही नहीं है।